Friday, December 27, 2019

भारत की प्रमुख फसलों के नाम, उत्पादक राज्य एवं महत्वपूर्ण तथ्यों की सूची

भारत की प्रमुख फसलों के नाम, उत्पादक राज्य एवं महत्वपूर्ण तथ्यों की सूची


भारतीय कृषि व्यवस्था:
भारत एक कृषि प्रधान देश है। कृषि भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाती है। विभिन्न पंचवर्षीय योजनाओं द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों एवं प्रयासों से कृषि को राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में गरिमापूर्ण दर्जा मिला है। भारत में कृषि सिंधु घाटी सभ्यता के दौर से की जाती रही है। भारतीय कृषि यहाँ की अर्थव्यवस्था, मानव-बसाव तथा यहाँ के सामाजिक-सांस्कृतिक ढांचे एवं स्वरूप की आज भी आधारशिला बनी हुई है। देश की लगभग 64 प्रतिशत जनसंख्या की कृषि-कार्यो में संलग्नता तथा कुल राष्ट्रीय आय के लगभग 27.4 प्रतिशत भाग के स्रोत के रूप में कृषि महत्त्वपूर्ण हो गयी है। देश के कुल निर्यात में कृषि का योगदान 18 प्रतिशत है।

भारत की प्रमुख फसलों के नाम एवं सर्वाधिक उत्पादक राज्यों की सूची:
भारत की प्रमुख फसलों के नामसर्वाधिक उत्पादक राज्यों के नाम
चावलपश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, आन्ध्र प्रदेश, बिहार और पंजाब
गेंहूउत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान
ज्वारमहाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश और राजस्थान
बाजरागुजरात, राजस्थान और उत्तर प्रदेश
दलहनमध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, बिहार, पश्चिम बंगाल, गुजरात और आंध्र प्रदेश
तिलहनमध्य प्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, पश्चिम बंगाल और ओडिशा
जौउत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार और पंजाब
गन्नाउत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक, हरियाणा और पंजाब
मूंगफलीगुजरात, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडू, कर्नाटक, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश
चायअसम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, त्रिपुरा, कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश
कहवाकर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र
कपासमहाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, पंजाब, कर्नाटक, हरियाणा, राजस्थान, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश
रबड़केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, असम और अंडमान निकोबार द्वीप समूह
पटसनपश्चिम बंगाल, बिहार, असम, ओडिशा और उत्तर प्रदेश
तम्बाकूआंध्र प्रदेश, गुजरात, बिहार, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु
काली मिर्चकेरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और पुडुचेरी
हल्दीआंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और बिहार
काजूकेरल, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश


भारतीय कृषि एक ऐसा आधार है, जिस पर देश के 5.5 लाख से भी अधिक गाँवों में निवास करनी वाली 75 प्रतिशत जनसंख्या प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से आजीविका प्राप्त करती है। 1960 के बाद देश में कृषि के क्षेत्र में हरित क्रांति के साथ नया दौर आया।

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